[22/06 4:23 AM] TOL Sarabjit Maan: सपने मे अपनी मौत को करीब से देखा....
कफ़न में लिपटे तन जलते अपने शरीर को देखा.....
खड़े थे लोग हाथ बांधे एक कतार में...
कुछ थे परेशान कुछ उदास थे .....
पर कुछ छुपा रहे अपनी मुस्कान थे..
दूर खड़ा देख रहा था मैं ये सारा मंजर.....
.....तभी किसी ने हाथ बढा कर मेरा हाथ थाम लिया
....
और जब देखा चेहरा उसका तो मैं बड़ा हैरान था.....
हाथ थामने वाला कोई और नही...मेरा सतगुरु दयाल था...
चेहरे पर मुस्कान और नंगे पाँव था....
जब देखा मैंने उस की तरफ जिज्ञासा भरी नज़रों
से.....तो हँस कर बोला.... "तूने हर दिन दो घडी जपा मेरा नाम
था.....
आज प्यारे उसका क़र्ज़ चुकाने आया हूँ...।"
रो दिया मै..अपनी बेवक़ूफ़ियो पर तब ये सोच कर .....
जिसको दो घडी जपा
वो बचाने आये है...
और जिन मे हर घडी रमा रहा
वो शमशान पहुचाने आये है....तभी खुली आँख
मेरी बिस्तर पर विराजमान था.....कितना था नादान मैं
हकीकत से अनजान था....
[22/06 6:54 AM] Dr Amarjeet Astrologist: ਤੂੰ ਹੈਂ
ਤਾਂ ਮਨ ਦੇ ਬ੍ਰਹਿਮੰਡ ਚ
ਗਤੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ
ਤੇਰੇ ਦੁਆਲੇ ਘੁੰਮਦਾ ਹੈ
ਮੇਰੀ ਹੋਣੀ ਦਾ ਹਰ ਇਕ ਗ੍ਰਹਿ
ਤੇ ਉਗਮਦੇ ਨੇ
ਸਾਡੇ ਜਿਸਮਾਂ ਚੋਂ
ਅਨੇਕਾਂ ਸੂਰਜ ਚੰਨ ਤਾਰੇ
ਗੂੰਜਦੀਆਂ ਨੇ ਬ੍ਰਹਿਮੰਡੀ ਘੰਟੀਆਂ
ਮੈਂ ਤੇਰੀ ਮੁਹੱਬਤ ਚ ਬਾਉਰਾ
ਤੇਰੀ ਹਨੇਰ ਚੁੱਪ ਦੇ
ਆਲੌਕਿਕ ਵਸਤਰਾਂ ਸੰਗ
ਤੇਰੇ ਅਕਾਲਕੀ ਮਹਾਂ ਨਾਚ ਦੀ ਤਾਲ ਤੇ
ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਤੇਰੀ ਆਰਤੀ
[22/06 7:55 AM] TOL Sarabjit Maan: Amarjit sir nice lines
[22/06 8:05 AM] TOl Yatin: Hahahalol
[22/06 8:08 AM] Dr Amarjeet Astrologist: khuswant has great knowledge/energy of literature.
[22/06 8:11 AM] TOL Amrinder Singh: A company with the women is an enegatic litarary form and course for the poleoples
[22/06 8:15 AM] TOl Yatin: Whiskey
[22/06 8:15 AM] TOl Yatin: Wala quaint aa jnaab ji
[22/06 8:26 AM] +91 94633 82482: Happy Father's Day
[22/06 2:49 PM] +91 94251 91857: जिन्दगी को समझने में वक्त ना गुजार ऐ बंदे....
थोड़ी जी ले...
पूरी समझ में आ जायेगी ।
शुभ सवार
[22/06 2:49 PM] +91 94251 91857: ।।।ओशो ।।।
एक व्यक्ति एक दिन बिना बताए काम पर नहीं गया.....
मालिक ने,सोचा इस कि तन्खाह बढ़ा दी जाये तो यह
और दिल्चसपी से काम करेगा.....
और उसकी तन्खाह बढ़ा दी....
अगली बार जब उसको तन्खाह से ज़्यादा पैसे दिये
तो वह कुछ नही बोला चुपचाप पैसे रख लिये.....
कुछ महीनों बाद वह फिर ग़ैर हाज़िर हो गया......
मालिक को बहुत ग़ुस्सा आया.....
सोचा इसकी तन्खाह बढ़ाने का क्या फायदा हुआ
यह नहीं सुधरेगाऔर उस ने बढ़ी हुई
तन्खाह कम कर दी और इस बार उसको पहले वाली ही
तन्खाह दी......
वह इस बार भी चुपचाप ही रहा और
ज़बान से कुछ ना बोला....
तब मालिक को बड़ा ताज्जुब हुआ....
उसने उससे पूछा कि जब मैने तुम्हारे ग़ैरहाज़िर होने के बाद तुम्हारी तन्खाह बढा कर दी तुम कुछ नही बोले और आज तुम्हारी ग़ैर हाज़री पर तन्खाह
कम कर के दी फिर भी खामोश ही रहे.....!!
इस की क्या वजह है..? उसने जवाब दिया....जब मै पहले
ग़ैर हाज़िर हुआ था तो मेरे घर एक बच्चा पैदा हुआ था....!!
आपने मेरी तन्खाह बढ़ा कर दी तो मै समझ गया.....
परमात्मा ने उस बच्चे के पोषण का हिस्सा भेज दिया है......
और जब दोबारा मै ग़ैर हाजिर हुआ तो मेरी माता जी
का निधन हो गया था...जब आप ने मेरी तन्खाह कम
दी तो मैने यह मान लिया की मेरी माँ अपने हिस्से का
अपने साथ ले गयीं.....
फिर मै इस तनख्वाह की ख़ातिर क्यों परेशान होऊँ
जिस का ज़िम्मा ख़ुद परमात्मा ने ले रखा है......!!
: एक खूबसूरत सोच :
अगर कोई पूछे जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया,
तो बेशक कहना, जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी, खुबसूरत रिश्ता है मेरा और भगवान के बीच में, ज्यादा मैं मांगता. नहीं और कम वो देता नहीं.. I
👍👏Beautiful Msg👏👍
[22/06 8:20 PM] TOl Dr. Prabhjot Singh: मोदी जी सारी योजना बंद कर दो ।
सिफ॔ सांसद भवन जैसी कैनटीन हर दस किलोमीटर पर खुलवा दो ।
सारे लफडे खतम।
29 रूपये र्मे भरपेट खाना मिलेगा ।
80% लोगो को घर चलाने का लफडा खतम।
ना सिलेंडर लाना ना राशन
और
घर वाली भी खूश ।
चारो तरफ खुशीआं ही रहेगी।
फिर हम कहेंगे सब का साथ सबका विकास ।
सबसे बडा फायदा 1र् किलो गेहूॅ नहीं देना पडेगा
और जेटली जी को ये ना कहना पडेगा कि मिडिल कलास लोग अपने हिसाब से घर चलाए ।
इस पे गौर करे।
Modi dhaba
🇮🇳 मुद्दा नम्बर 1
एक सिलेंडर की कीमत 783 रुपये, इंडियन आयल से बैंक में वापस जमा - 361 रूपये,
यानी, 783 - 361= 422 रूपये।
इसके पहले हमें सिलेंडर मिलता था 418 रूपये में,
मतलब कुल 4 रूपये का नुकसान।
अब पता ये लगाना है की मेरे द्वारा जमा पैसा ही मुझे वापस मिला। तो फिर सब्सिडी का पैसा कहा गया, बल्कि पहले से ज्यादा पैसे मुझे देने पड़े।
ये कौन सा गणित है? पूरा देश सोच रहा है की उसे सब्सिडी का पैसा मिल रहा है, पर जनाब ये तो हमारा पैसा ही हमें मिल रहा है।
🇮🇳 मुद्दा नम्बर 2
देश में पेट्रोल की कीमत कैसे तय होती है, उसकी पूरी प्रोसेस-
कच्चे तेल की वर्तमान कीमत = 50 डॉलर प्रति बेरेल।
(जहाँ, $1 = 63/-
और 1 बेरेल = 159 लीटर )
यानी, $50 = Rs.3150/-
1 लिटर कच्चा तेल भारत खरीदता है (3150/159) =19.80 रुपयों में।
1 लिटर पेट्रोल बनाने के लिए लगने वाला कच्चा तेल -
0.96 लीटर @19.80/- = 19.00/-
अब कच्चे तेल में से एक लीटर पेट्रोल बनाने की फिक्स्ड कीमत होती है 6 रूपये (ट्रांसपोर्टेशन मिलाकर)
यानी, 19.00 रूपये + फिक्स्ड कीमत, 6 रूपये = 25.00 रूपये में एक लिटर पेट्रोल बनता है।
अब उसमे केंद्र सरकार के टेक्स लगता है, 25% यानी 6 रूपये।
यानी 25 + 6 = 31 रूपये।
और उपर से फिर राज्य सरकार के टेक्स जैसे VAT,
जिसे हम एवरेज 15% गिने तो होते है 5 रूपये यानी कुल मिलाकर होते है 36 रूपये।
और आखिर में पेट्रोल पंप डीलरो को पर लीटर 90 पैसे कमिशन दिया जाता है तो होते है कुल 37 रूपये।
लेकिन फिर भी आज हमे 62/- प्रति लीटर में पेट्रोल मिल रहा है॥
कृपया कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई ये जानकारी देश के हर एक नागरिक तक पहुँचाने की कोशिश करे ।
शान है या छलावा
पूरे भारत मे एक ही जगह ऐसी है जहा खाने की चीजें सबसे सस्ती है
चाय = 1.00
सुप = 5.50
दाल= 1.50
खाना =2.00
चपाती =1.00
चिकन= 24.50
डोसा = 4.00
बिरयानी=8.00
मच्छी= 13.00
ये सब चीजें सिर्फ गरीबो के लिए है
और ये सब Available है Indian Parliament Canteen मे
और उन गरीबो की पगार है
80,000 रूपये महीना वो भी बिना income tax के
आपके mobile मे जितने भी नम्बर save है सबको forwardकरे ताकि सबको पता चले …
कि यही कारण है कि इन्हे लगता है कि जो आदमी 30 या 32 रूपये रोज कमाता है वो गरीब नही है
jokes तो हर रोज forward करते हो आज इसे भी forward कर.
[22/06 8:28 PM] +91 94251 91857: 🌹🌹 कहानी तीन बेस्ट दोस्तों की
😌😌😌
ज्ञान , धन
और
विश्वास
तीनों बहुत अच्छे दोस्त
भी थे
तीनों में बहुत प्यार
भी था
एक वक़्त आया
जब
तीनों को
जुदा होना पड़ा
तीनों ने एक दुसरे से
सवाल किया
कि
हम कहाँ मिलेंगे
ज्ञान ने कहा
मैं
मंदिर , मस्जिद , विद्यालय
मैं
मिलूँगा
धन ने कहा
मैं
अमीरों के पास मिलूँगा
विश्वास
चुप था
दोनों ने चुप होने की
वजह पुछी
तो
विश्वास ने
रोते हुवे कहा
मैं
एक बार चला ग़या
तो
फिर कभी नही
मिलूँगा👌
No comments:
Post a Comment