[23/06 10:15 AM] TOL Sarabjit Maan: ਤੇਰਾ ਯੋਗਾ ਕਿਸੇ ਦੀ ਭੁੱਖ ਵਧਾ ਸਕਦੈ ਪਰ ਮਿਟਾ ਨੀ ਸਕਦਾ
ਪੇਟ ਨੂੰ ਠੀਕ ਕਰ ਸਕਦੈ ਪਰ ਪੇਟ ਦੀ ਅੱਗ ਬੁਝਾ ਨੀ ਸਕਦਾ
ਖਾ ਕੇ ਬੁੱਕ ਡਰਾਈ ਫਰੂਟ ਦਾ ਲੱਤਾਂ ਨਾਲ ਲਾ ਲੈਂਦੈ ਛਾਤੀ ਨੂੰ
ਦੱਸ ਅਸੀਂ ਕੀ ਸਿਰ ਚ ਮਾਰਣੈ ਤੇਰੇ ਕਪਾਲ ਭਾਤੀ ਨੂੰ..
ਬੱਚੇ ਸਾਡੇ ਨੰਗ ਤੜੰਗੇ ਸੜਕਾਂ ਉੱਤੇ ਘੁੰਮਦੇ ਭੁੱਖਣ ਭਾਣੇ ਨੇ
ਇਹ ਯੋਗ ਤਾਂ ਉਹਨਾ ਦੇ ਚੋਜ ਨੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਢੋਲ ਚ ਦਾਣੇ ਨੇ
ਕੰਮਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੁੱਝੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ ਦਿਨ ਤੇ ਰਾਤੀ ਨੂੰ
ਦੱਸ ਅਸੀਂ ਕੀ ਸਿਰ ਚ ਮਾਰਣੈ ਤੇਰੇ ਕਪਾਲ ਭਾਤੀ ਨੂੰ..
ਜੱਟਾਂ ਦੀ ਵਿਕਦੀ ਫਸਲ ਨਹੀ ਉਹ ਖੁਦਕੁਸੀਆਂ ਕਰਦੇ ਨੇ
ਤੈਨੂੰ ਯੋਗ ਦੀ ਪਈ ਐ ਬੇਰੁਜ਼ਗਾਰ ਟੈਂਕੀਆਂ ਤੇ ਚੜਦੇ ਨੇ
ਕਿਹੜੇ ਚੁੱਲੇ ਡਾਹੀ ਏ ਤੇਰੀ ਛਪੰਜਾ ਇੰਚ ਦੀ ਛਾਤੀ ਨੂੰ
ਦੱਸ ਅਸੀਂ ਕੀ ਸਿਰ ਚ ਮਾਰਣੈ ਤੇਰੇ ਕਪਾਲ ਭਾਤੀ ਨੂੰ..
ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਸਤੌਜ
[23/06 9:19 PM] +91 98765 00633: पिताजी के अचानक आ धमकने से पत्नी तमतमा उठी....“लगता है, बूढ़े को पैसों की ज़रूरत आ पड़ी है,
वर्ना यहाँ कौन आने वाला था... अपने पेट का गड्ढ़ा भरता नहीं, घरवालों का कहाँ से भरोगे ?”
मैं नज़रें बचाकर दूसरी ओर देखने लगा।
पिताजी नल पर हाथ-मुँह धोकर सफ़र की थकान दूर कर रहे थे।
इस बार मेरा हाथ कुछ ज्यादा ही तंग हो गया।
बड़े बेटे का जूता फट चुका है।वह स्कूल जाते वक्त रोज भुनभुनाता है।
पत्नी के इलाज के लिए पूरी दवाइयाँ नहीं खरीदी जा सकीं।
बाबूजी को भी अभी आना था।
घर में बोझिल चुप्पी पसरी हुई थी।
खाना खा चुकने पर
पिताजी ने मुझे पास बैठने का इशारा किया।
मैं शंकित था कि कोई आर्थिक समस्या लेकर आये होंगे....
पिताजी कुर्सी पर उठ कर बैठ गए। एकदम बेफिक्र...!!!
“ सुनो ” कहकर उन्होंने मेरा ध्यान अपनी ओर खींचा।
मैं सांस रोक कर उनके मुँह की ओर देखने लगा।
रोम-रोम कान बनकर
अगला वाक्य सुनने के लिए चौकन्ना था।
वे बोले... “ खेती के काम में घड़ी भर भी फुर्सत नहीं मिलती।इस बखत काम का जोर है।
रात की गाड़ी से
वापस जाऊँगा। तीन महीने से तुम्हारी कोई चिट्ठी तक
नहीं मिली... जब तुम
परेशान होते हो,
तभी ऐसा करते हो।
उन्होंने जेब से सौ-सौ के पचास
नोट निकालकर मेरी तरफ बढ़ा दिए, “रख लो।
तुम्हारे काम आएंगे। धान की फसल अच्छी हो गई थी।
घर में कोई दिक्कत नहीं है तुम बहुत कमजोर लग रहे हो।ढंग से खाया-पिया करो। बहू का भी ध्यान रखो।
मैं कुछ नहीं बोल पाया।
शब्द जैसे मेरे हलक में फंस कर रह गये हों।
मैं कुछ कहता इससे पूर्व ही पिताजी ने प्यार
से डांटा...“ले लो, बहुत बड़े हो गये हो क्या ..?”
“ नहीं तो।" मैंने हाथ बढ़ाया। पिताजी ने नोट मेरी हथेली पर रख दिए।
बरसों पहले पिताजी मुझे स्कूल भेजने
के लिए इसी तरह हथेली पर अठन्नी टिका देते थे,
पर तब
मेरी नज़रें आजकी तरह झुकी नहीं होती थीं।
दोस्तों एक बात हमेशा ध्यान रखे...
माँ बाप अपने बच्चो पर बोझ हो सकते हैं बच्चे उन पर बोझ कभी नही होते है।
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अगर इस कहानी ने आपके दिल को छुआ.हो तो शेयर करना ना भूले।🅱🚩🚩🅰
[23/06 11:34 PM] TOL Gurpiyar Brar: यह इंडिया है मेरे भाई।
😡1) हम बेटियों की पढ़ाई से ज्यादा उनकी शादी पर खर्च करते हैं।
😡2) हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां पुलिस वालों को देखकर हम सु रक्षित महसूस करने की बजाय घबरा जाते हैं।
😡3) IAS एग्जाम में एक शख्स 'दहेज : एक सामाजिक बुराई' विषय पर 1500 शब्दों का बेहतरीन लेख लिखता है। सबको प्रभावित करता है और एग्ज़ाम पास कर लेता है। एक साल बाद यही शख्स दहेज में 1 करोड़ रुपये मांगता है क्योंकि वह एक IAS अफसर है।
😡 4) भारतीय बहुत शर्मीले होते हैं लेकिन फिर भी 121 करोड़ हैं।
😡5) भारतीयों को स्क्रैचप्रूफ गर्रिला ग्लास वाले स्मार्टफोन पर स्क्रीन गार्ड लगवाना जरूरी लगता है लेकिन बाइक चलाते समय हेल्मेट लगाना नहीं।
😡6) भारतीय समाज 'रेप मत करो' की बजाय 'रेप से बचो' सिखाता है।
😡7) सबसे बेकार फिल्में सबसे ज्यादा कमाई करती हैं।
😡8) यहां का समाज, एक पॉर्न स्टार को तो सिलेब्रिटी के रूप में खास दर्जा दे देता है लेकिन एक रेप पीड़िता को आम इंसान का दर्जा भी नहीं देता।
😡9) नेता हमें तोड़ते हैं जबकि आतंकवादी हमें जोड़ते हैं।
😡10) हर किसी को जल्दी है लेकिन समय से कोई नहीं पहुंचता।
😡11) मैरी कॉम ने जितनी कमाई अपने पूरे करियर में नहीं की, उससे ज्यादा कमाई प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम का किरदार निभाकर कर ली।
😡12) अजनबियों से बात करना खतरनाक है लेकिन किसी अजनबी से शादी करना हर लिहाज से सही है।
😡13) जो जूते हम पहनते हैं, वे एयर कंडिशंड शोरूम्स में बिकते हैं और जो सब्जियां हम खाते हैं, वे फुटपाथ पर बिकती हैं।
अब सोचिए! क्या इन तरीकों से भारत आगे बढ़ेगा? शेएर करके सहमति प्रकट करेँ.
[23/06 11:34 PM] TOL Gurpiyar Brar: "पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा
सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे।
इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार
आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने
अंदर आने की अनुमति न दें।"
: "अंदाज़ कुछ अलग हैं मेरे सोचने का,,
सब को मंजिल का शौक है और मुझे
रास्तों का ..
ये दुनिया इसलिए बुरी नही के यहाँ बुरे
लोग ज्यादा है।
बल्कि इसलिए बुरी है कि यहाँ अच्छे
लोग खामोश है..!
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