Sunday, January 18, 2015

Jan15

[15/01 12:09 AM] TOL Dr. Arun: ऑपरेशन के अभिशाप से बचिए
प्रो. एलोंजो क्लॉर्क (एम.डी.) का कहना हैं :
"हमारी सभी दवाइयाँ विष हैं और इसके फलस्वरूप दवाई की हर एक मात्रा रोगी की जीवनशक्ति का ह्रास करती हैं।" आजकल जरा -जरा -सी बात में ऑपरेशन की सलाह दे दी जाती है। वाहन का मैकेनिक भी अगर कहे कि 'क्या पता, यह पार्ट बदलने पर भी आपका वाहन ठीक होगा कि नहीं ?' तो हम लोग उसके गैरेज में वाहन रिपेयर नहीं करवाते लेकिन आश्चर्य है कि लोग सर्जन-डॉक्टर के द्वारा गारंटी न देने पर भी ऑपरेशन करवा लेते हैं !
युद्ध में घायल सैनिको तथा दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को ऑपरेशन द्वारा ठीक किया जा सकता है किन्तु हर रोगी का उपचार तेज धारवाली छुरी से करके निर्बल बना देना मानवता के विरुद्ध अपराध है।
ऑपरेशन द्वारा शरीर के विजातीय द्रव्यों को निकालने की अपेक्षा जल, मिट्टी, सूर्यकिरण और शुद्ध वायु की कुदरती मदद से उन्हें बाहर निकालना एक सुरक्षित और सुविधाजनक उपाय है।  किसी अनुभवी वैध की सलाह लेकर एवं समुचित विश्राम, अनुकूल आहार का सही तरीके से सेवन करके भी पूर्ण स्वास्थ्य-लाभ पाया जा सकता है
[15/01 9:50 AM] TOL Dr. Arun: गर्भपात एवं सिजेरियन डिलीवरी से सावधान !

गर्भपात के भयंकर दुष्परिणाम –

  स्तन-कैंसर की सम्भावना में ३०% की वृद्धि |
    महिलाओं में हार्मोन्स का स्तर कम होने से फिर से बच्चे होने की सम्भावना में कमी |
    यदि संतान होती है तो उसके कमजोर और अपंग होने की सम्भावना |
    मासिक धर्म में खराबी, कमरदर्द की शिकायत बढ़ जाती है तथा माँ की मृत्यु तक हो सकती है |
    सर्वाइकल कैंसर का घई गुना व अंडाशय (ओवेरियन) कैंसर का ५०% अधिक खतरा |
    मनोबल में कमी, सिरदर्द, चिडचिडापन, आत्महत्या के विचारों व मानसिक तनाव में वृद्धि |
    गर्भपात के समय इन्फेक्शन होने पर जानलेवा पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिसीज की सम्भावना अधिक हो जाती है |
    गर्भपात करानेवाली ५०% महिलाओं में फिर से गर्भपात होने की सम्भावना बढ़ जाती है |
अपने-आप पर अत्याचार क्यों ?
“गर्भपात संतान के विनाश के साथ पुण्याई तो नष्ट करता ही है, साथ ही माता के स्वास्थ्य का भी विनाश करता है | अत: दवाइयों या कातिल साधनों से अपने निर्दोष शिशु के टुकड़े करवाकर घातक बीमारियों के शिकार व महापाप का भागी बनना कहाँ तक उचित है ?”

सिजेरियन की घातक हानियाँ

‘ऑपरेशन द्वारा प्रसूति माँ और बच्चे – दोनों के लिए हानिकारक है | अत: प्राकृतिक प्रसूति के उपायों का अवलंबन लेना चाहिए |’

अब विज्ञान भी कहा रहा है .....
   सामान्य प्रसूति के समय स्रावित होनेवाले ९५% योनिगत द्रव्य हितकर जीवाणुओं से युक्त होते है, जो शिशु की रोगप्रतिकारक और पाचनशक्ति बढ़ाते हैं | दमा, एलर्जी, श्वसन – सबंधी रोगों का खतरा काफी कम हो जाता है |

सिजेरियन डिलीवरी से हानि
स्विजरलैंड के डॉ केरोलिन रोदुइत द्वारा २९१७ बच्चों के अध्ययन के आधार पर ....
बच्चे को होनेवाली हानियाँ

    रोगप्रतिकारक शक्ति में कमी |
    दमे की सम्भावना में ८०% व मधुमेह की सम्भावना में २०% की वृद्धि |
    अगले शिशु के मस्तिष्क व मेरुरज्जु में विकृत का खतरा, वजन में कमी |
माँ को होनेवाली हानियाँ
    माता की मृत्यु की सम्भावना में २६ गुना वृद्धी |
    गर्भाशय निकालने तक की नौबत |
    अगली गर्भावस्था में गर्भाशय फटने का डर अधिक |
    फिर से गर्भधारण न कर पाने की सम्भावना |
    ऑपरेशन की जगह पर हर्निया हिने का खतरा |

‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ को हाथ लगा कडवा सच
“बहुत - से मामलों में अस्पतालों द्वारा पैसे कमाने के लालच में ऑपरेशन द्वारा प्रसूति करवायी गयी |”
अत: प्रसूति के दर्द के भय के कारण अथवा भावी खतरों से अनजान होने से सिजेरियन को स्वीकार करनेवाली माताएँ अब सावधान हो जायें | सामान्य प्रसूति से बच्चे को जन्म दें |

सामान्य प्रसूति का रामबाण इलाज :
“सामान्य प्रसूति के लिए देशी गाय के गोबर का १०-१२ ग्राम ताजा रस निकालें, गुरुमंत्र या ‘नारायण नारायण ....’ जप करके गर्भवती महिला को पिला दें | एक घंटे में प्रसूति नहीं हो तो एक बार फिर पिला दें | सहजता से प्रसूति होगी | अगर प्रसव-पीड़ा शुरू होने पर उसे गोबर का रस पिलायें तो सुखपूर्वक प्रसव होगा |
[15/01 11:09 AM] TOL Dr. Arun: अजवाइन और इलायची के घरेलू उपचार
अजवाइन का सेवन करने से कफ, वात, कृमि तथा तिल्ली की सूजन मिटाती है। यह रूचि उत्पन्न करने वाली, तीक्ष्ण, गर्म, तीखी, हल्की, अग्नि को प्रदीप्त करने वाली, कड़वी और पित्त को उत्पन्न करती है और उदर-शूल, उदर-विकार तथा अजीर्ण के लिये सर्वश्रेष्ठ हितकारी होती है। अजवाइन को तवे पर गर्म करके, सेंधा नमक मिलाकर, पीसकर इनका चूर्ण बना लें। गर्म पानी के साथ तीन माशा चूर्ण खाने से जठर की वायु दूर हो जाती है।
अजवाइन, सेंधा नमक और हींग को एक साथ पीसकर इसकी फंकी लेने से वायु गोला रोग ठीक हो जाता है। अजवाइन और गुड़ खाने से शीतपित्त मिट जाता है। अजवाइन में तिल मिलाकर, चूर्ण बनाकर, इनकी फंकी लेने से बहुमूत्र रोग को मिटा देता है। अजवाइन चूर्ण एक छटांक लेकर इन दोनों को एक साथ मिलाकर, आधा-आधा तोला सुबह-शाम खाने से मस्से और कमर का दर्द दूर हो जाता है।
अजवाइन को पीसकर, पोटली बनाकर सूंघने से जुकाम दूर हो जाता है। प्रसूता स्त्री को अजवाइन खिलाने से उसकी भूख खुलती है भोजन को हजम करता है, अपानवायु छूटता है, कमर के दर्द को दूर करता है और गर्भाशय की शुध्दि करने वाला होता है। अजवाइन का 6 मशा रस नियमानुसार प्रतिदिन पीने से स्त्री का मासिक धर्म साफ और समय से होने लगता है। अजवाइन को पानी के साथ पीसकर शरीर पर मलने से ठंडा पड़ा हुआ शरीर गर्म हो जाता है। अजवाइन की पोटली बनाकर तवे पर गर्म करके हाथ-पैर में सेंक करने से हैजे, सन्निपात अथवा दमे के हमले से हाथ-पैर ठंड पड़ गये हों तो इनसे शरीर में गर्मी आ जाती है। संधिवात से जोड़ों के जकड़ जाने पर अजवाइन के तेल की मालिश करने से ठीक हो जाता है या अजवाइन को पीसकर इनकी पुलटिस बनाकर बांधने से भी ठीक हो जाते हैं।
इलायची
इलायची दो किस्मों में होती है- छोटी और बड़ी। इनको बारीक और मोटी भी कहा जाता है, छोटी इलायची को कागजी इलायची भी कहते हैं। छोटी इलायची का रस, शीतल और हल्का होता है। इनको खाने से वायु, कफ, श्वांस, खांसी, बवासीर, बूंद-बूंद पेशाब होने वाले रोग, अरुचि, मिचली, उल्टी, वात, जलन, यक्ष्मा और हृदय रोग में लाभकारी होता है। इनके सेवन से मुख की दुर्गंध दूर होती है, दांतों को और मजबूत और निरोगी बनाता है।
इलायची के दानों का चूर्ण 4 से 6 रत्ती, सेंकी हुई हींग एक रत्ती, इन दोनों को थोड़े से नींबू के रस में मिलाकर खाने से पेट की वायु, उदरशूल और अफारा ठीक हो जाता है। इलायची के दाने और पीपरामूल समभाग लेकर देसी घी के साथ प्रतिदिन सुबह चाटने से हृदय रोग मिट जाता है। इलायची के दाने और सोंठ समभाग लेकर, अनार के रस अथवा दही के नीथरे पानी में सेंधा नमक मिलाकर पीने से पेशाब छूटता है और मूत्राघात को मिटा देता है।
इलायची के दानों का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से बूंद-बूंद होने वाले पेशाब के रोग को ठीक करता है। इलायची के दानों का चूर्ण, सेंकी हुई हींग का चूर्ण, इन दोनों को एक साथ मिलाकर 3 रत्ती दूध के साथ देने से पेशाब में धातु निकलने को यह रोकता है। इलायची का अधिक सेवन करने से सगर्भा स्त्री को गर्भपात होने की संभावना होती है। इलायची को रात में कभी नहीं खाना चाहिये। रात को खाने से खट्टी अथवा तीखी डकारें आती हैं और कोढ़ होने की संभावना होती है
[15/01 11:35 AM] TOL Dr. Arun: महिलाएं हर हफ्ते खाएं गुड़, चना : डॉ. अग्रवाल

(आईएएनएस)| इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. के. के. अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि युवा महिलाओं को हफ्ते में कम से कम एक बार चना और गुड़ खाना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि गुड़ आयरन का समृद्ध स्रोत है और चने में बड़ी मात्रा में प्रोटीन होता है। ये दोनों मिलकर महिलाओं की माहवारी के दौरान होने वाले रक्त के नुकसान को पूरा करते हैं।

ऑल इंडिया वूमेन कांफ्रेंस द्वारा आयोजित एक व्याख्यान में डॉ. अग्रवाल ने कहा, "सभी महिलाओं को आने वाले माघ महीने में हर रोज कम से कम 40-60 मिनट धूप में बैठकर तिल के लड्ड या गजक खाने चाहिए, जिसमें कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है।

इससे उनके शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी पूरी हो जाएगी।"

डॉ. अग्रवाल, डॉ. अंबरीश मित्तल और डॉ. अल्का कृपालानी ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारतीयों में विटामिन डी की कमी होना आम बात है।

इसकी पूर्ति के लिए सभी भारतीयों को रोज 40 मिनट धूप में बैठना चाहिए और इस दौरान उनके शरीर का 40 फीसदी हिस्सा खुला होना चाहिए और ऐसा उन्हें साल में कम से कम 40 दिन करना चाहिए।

बयान में कहा गया है कि अगर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें हर महीने विटामिन डी सैसे लेना चाहिए जिसमें 60,000 यूनिट विटामिन डी3 हो
[15/01 12:15 PM] TOl Dr. Prabhjot Singh: Worth sharing...this fish story

The Japanese have always loved fresh fish🐠 🐟🐠🐟

But the water close to Japan has not held many fish🐠🐟 for decades.

So to feed the Japanese population, fishing boats got bigger and went farther than ever.

The further the fishermen went, the longer it took to bring the fish🐠🐟🐠🐟

If the return trip took more time, the fish 🐠🐟🐠🐟 were not fresh.

To solve this problem, fish 🐠🐟 companies installed freezers on their boats.

They would catch the fish 🐠🐟 and freeze them at sea.

Freezers allowed the boats to go farther and stay longer.

However, the Japanese could taste the difference between fresh and frozen fish🐠🐟 and they did not like the taste of frozen fish 🐠🐟

The frozen fish🐠🐟 brought a lower price.

So, fishing companies installed fish tanks.

They would catch the fish 🐠🐟 and stuff them in the tanks, fin to fin.

After a little thrashing around, they were tired, dull, and lost their fresh-fish taste.

The fishing industry faced an impending crisis!

But today, they get fresh-tasting fish to Japan.

How did they manage...?

To keep the fish🐠🐟🐠 tasting fresh, the Japanese fishing companies still put the fish🐠🐟🐠 in the tanks but with a small shark🐋🐋

The fish🐠🐟🐠are challenged and hence are constantly on the move.

The challenge they face keeps them alive and fresh!

Have you realized that some of us are also living in a pond but most of the time tired and dull....?

Basically in our lives, sharks 🐋🐋 are new challenges to keep us active.

If you are steadily conquering
challenges, you are happy.

Your challenges keep you energized.

Don’t create Success and revel in it in a state of inertia.

You have the resources, skills and abilities to make a difference.

Put a shark 🐋🐋 in your tank this year and see how far you can really go....
Have a blessed new year, may 2015 be a better year for all of us...💐💐
[15/01 1:32 PM] TOl Dr. Prabhjot Singh: Jin bachon ko School books
Free chahyen or jo bache
School fees pay nai kar sakte
wo in numbers pe contact
karen.
8889995733
8889995731
9826813756
9752033255
9826858785
7489587851
9098321420
Please is msg ko jitna ho
sake forwrd kare. Apki madad
se kisi masoom bachy ki
zindgi ban jaegi (ZINDAGI
TRUST by mithuns army)
Forwarded as received
[15/01 3:35 PM] TOL Savdeshi: राजीव दीक्षित जी के कुछ साधारण लेकिन महत्वपूर्ण ध्यान रखने योग्य बातें:

1) हमेशा पानी को घूट-घूट करके चबाते हुए पिये और खाने को इतना चबाये की पानी बन जाये।
किसी ऋषि ने कहा है कि
"खाने को पियो और पीने को खाओ"

2) खाने के 40 मिनट पहले और 60-90
मिनट के बाद पानी पिये और फ्रीज का ठंडा पानी, बर्फ डाला हुआ पानी जीवन मे कभी भी नही पिये। गुनगुना या मिट्टी के घडे का पानी ही पिये ।

3)सुबह जगने के बाद बिना कुल्ला करे 2 से 3 गिलास पानी सुखआसन मे बैठकर पानी घूटं-घूटं करके पिये यानी उषा पान करे ।

4) खाने के साथ भी कभी पानी न पिये। जरुरत पड़े तो सुबह ताजा फल का रस, दोपहर मे छाछ और रात्रि मे गर्म दूध का उपयोग कर सकते हैं।

5) भोजन हमेशा सुखआसन मे बैठकर करे और ध्यान खाने पर ही रहे, मतलब टेलीविजन देखते, गाने सुनते हुए, पढ़ते हुए, बातचीत करते हुए कभी भी भोजन न करे।

6) हमेशा बैठ कर खाना खाये और पानी पिये। अगर संभव हो तो सुखासन, सिद्धासन मे बैठ कर ही खाना खाये।

7) फ्रीज़ मे रखा हुआ भोजन न करें या उसे साधारण तापमान में आने पर ही खाये दुबारा कभी भी गर्म ना करे ।

8) गूँथ कर रखे हुये आटे की रोटी कभी न खाये, जैसे- कुछ लोग सुबह में ही आटा गूँथ कर रख देते है और शाम को उसी से बनी हुई चपाती खा लेते है जो स्वास्थ के लिए हानिकारक है। ताजा बनाए ताजा खाये।

9) खाना खाने के तुरंत बाद पेशाब जरूर करे ऐसा करने से डायबिटज होने की समभावना कम होती हैं।

10) मौसम पर आने वाले फल, और सब्जियाँ ही उत्तम है इसलिए बिना मौसम वाली सब्जियाँ या फल न खाये।

11) सुबह मे पेट भर भोजन करें। जबकि रात मे बहुत हल्का भोजन करें।

12) रात को खीरा, दही और कोई भी वात उत्पन्न करने वाली चीज न खाये।

13) दही के साथ उड़द की दाल न खाये। जैसे- दही और उड़द की दाल का बना हुआ भल्ला।

14) दूध के साथ नमक या नमक की बनी कोई भी चीज न खाये। क्योंकि ये दोनों एक दूसरे के प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

15) दूध से बनी कोई भी दो चीजे एक साथ न खाये।

16) कोई भी खट्टी चीज दूध के साथ न खाये सिर्फ एक खा सकते है आँवला। खट्टे आम का शेक न पिये केवल मीठे पके हुए आम का ही शेक पीये ।

17) कभी भी घी और शहद का उपयोग एक साथ न करे! क्योंकि दोनों मिलकर विष बनाते है।

18) खाना भूख से कम ही खाये। जीने के लिए खाना खाये न कि खाने के लिए जीये।

19) रिफाइण्ड तेल जहर हैं आप हमेशा कच्ची घाणी का सरसो, तिल या मूगंफली का तेल ही उपयोग करे और जीवन मे हाटॅ टेक व जोडो के दर्द से बचे ।

20) तला, और मसालेयुक्त खाना खाने से बचे। अगर ज्यादा ही मन हो तो सुबह मे खाये रात मे कभी भी नहीं।

21) खाने मे गुड या मिस्री का प्रयोग करें, चीनी के प्रयोग स बचें।

22) नमक का अधिक सेवन न करें। आयोडिन युक्त समुद्री नमक का उपयोग बिल्कुल भी नही करे! सेधां, काला या डली वाला नमक इस्तेमाल करें।

23) मेदा, नमक और चीनी ये तीनों सफ़ेद जहर है इनके प्रयोग से बचें।

24) हमेशा साधारण पानी से नहाएँ और पहले सर पर पानी डाले फिर पेरो पर और अगर गरम से नहाओ तो हमेशा पहले पैरो पर फिर सर पर पानी डालना चाहिये।

25) हमेशा पीठ को सीधी रख कर बेठे।

26) सर्दियों मे होंठ के फटने से बचने के लिए नहाने से पहले नाभि मे सरसों के तेल लगाये । जबरदस्त लाभ मिलता है।

27) शाम के खाने के बाद 2 घंटे तक न सोये। 5 से 10 मिनट वज्रासन मे बैठे 1000 कदम वाक जरूर करें।

28) खाना हमेशा ऐसी जगह पकाया जाये जहां वायु और सूर्य दोनों का स्पर्श खाने को मिल सके।

29) कूकर मे खाना न पकाए बल्कि किसी खुले बर्तन मे बनाए, क्योकि कूकर मे खाना उबलता है और खुले बर्तन के अन्दर खाना पकता हैं इससे खाने प्रोटीन मात्रा 93 प्रतिशत होती है और कूकर मे मात्र 13 प्रतिशत रहती है ।

30) एल्यूमिनियम के बर्तनो का प्रयोग खाना बनाने और खाने दोनों के लिए कभी भी न करें!पीतल, कासां, मिट्टी के बर्तन का ही उपयोग करें।

31) खाने को कम से कम 32 बार चबाये।

32) रोज टूथब्रश का प्रयोग न करें इससे मसूड़े कमजोर होते है। दंतमंजन का प्रयोग कर सकते है।

33) अपनी दोनों नासिकाओ मे देशी गाय के घी को हल्का गुनगुना करके 1-1 बुंद रात मे डालने से दिमाग तंदरुस्त रहता है। नजला जुकाम, सिर दर्द, माइगृेन, नींद नहीं आना, तनाव आदि समस्या का समाधान होता हैं ।

34) हमेशा मीठा, नमकीन से पहले खाना चाहिए ।

35) बार-बार नहीं खाना चाहिये एक बार बैठ कर भरपेट या उससे थोड़ा कम खाना चाहिये।

36) हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिये। नकारात्मक सोचने से भी बीमारियाँ आती है।i
[15/01 10:14 PM] TOL Brahm Sharma: In satyug
1. Dukh vele  - ardaas
2. Sukh vele  - shukrana
3. Har vele  - simran

Now in kalyug

1. Dukh vele -  status
2. Sukh vele  - photo
3.har vele  - online
[15/01 10:14 PM] TOL Brahm Sharma: जब भी whatsapp खोलो,
लगता है whats app नही
हरिद्वार आ गए है...
इतना अथाह ज्ञान बरसता है
कि मन एकदम शुद्ध हो जाता है...
सभी Whatsapp संतो को प्रणाम
😀😀🙏🙏🙏🙏
चंद लाइने  पुरे ग्रुप के लीये.....

जिंदगी से हर पल एक मोज मिली,
कभी कभी नहीं हर रोज मिली.

बस एक अच्छा दोस्त मांगता था जिन्दगी से...
पर मुझे तो पूरी विद्वानों की फौज  मिली।.
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏😊😊😊
[15/01 11:54 PM] TOL Dr. Arun: वर्ल्ड कप क्रिकेट के एक रसिया द्वारा अपनी पत्नी को दिया गया पत्र।👇👇

प्रिय पत्नी,
फरवरी 2015 में क्रिकेट वर्ल्ड कप प्रारम्भ हो रहा है इसलिए तुम्हारे लिए कुछ नियम।

1. वर्ल्ड कप तक रिमोट सहित टी वी सिर्फ मेरा रहेगा।

2. तुम्हारे सभी दोस्तों, सहेलियों, रिश्तेदारों आदि को बोल दो कि वर्ल्ड कप ख़त्म होने तक कोई विवाह ना करे, पूजा जैसे अन्य कार्यक्रम ना रखे, मरे तक नहीं, क्योंकि मैं कहीं जानेवाला नहीं।

3. बीच बीच में फालतू के सवाल पूछना नहीं।

4. उसके पैर में बॉल लगी तो वो आउट कैसे हुआ ?

5. वो किस देश का है ? वो देश कहाँ है ? मुझे कुछ मालूम नहीं। तुम्हे बचपन में भूगोल अच्छी तरह पढ़ना चाहिए था।

6. ये 'खान' कहाँ का है ? अपने यहाँ का है या पाकिस्तान का ? ऐंसे बेकार प्रश्न करना नहीं, उनके कपड़ों पर पढ़ना।

7. मेरे और टी वी के बीच से गुजरना नहीं। अगर बहुत जरूरी हो तो छोटे बच्चे जैसे घुटनों पर चलते हैं, वैसे चलते हुए जाना।

8. वो इतना गोरा क्यों दिखता है ? ईईई, वो कितना काला है। ऐंसे बीच बीच में चिल्लाना नहीं, तुम्हारे रिश्तेदारों से सब ठीक ही दीखते हैं।

9. ये क्रिक्रेट मैच है। यहाँ हर दो दिन में बहुएँ और पति बदलते नहीं रहते। 6-6 बार तलाक हो चुकी बीवियाँ नहीं होतीं। एक से प्रेम और दुसरे से शादी करतीं चालू आइटम यहाँ नहीं होतीं।  ढेर सा भड़कदार मेकअप कर खी खी करने वाली बूढी सासें यहाँ नहीं होती।
मुझे ये खेल देखना अच्छा लगता है, बस।

( वर्ल्ड कप समाप्त होने पर )
तुम्हारा पति।

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