[08/01 8:41 AM] TOL Gagan: Very nice amarjit bhaji
[08/01 8:41 AM] TOL Gurpiyar Brar: ਕੁਝ ਰਿਸ਼ਤੇ..ਚੰਨ ਵਾਂਗ..... lines are very many beautiful.... and meaningful.... ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਸੋਹਨਾ ਲਿਖਿਆ ji
[08/01 8:44 AM] TOL Soninder Singh: Good Dr. Sahib.
[08/01 8:47 AM] TOL Ravi2: 👌👌👏👏
[08/01 9:52 AM] TOL Brahm Sharma: Wah kya khoob expression
[08/01 9:57 AM] TOL Brahm Sharma: Group ch eho jehe expression sunder lagde ne, dil de kol hunde ne, houle jehe chhoohnde ne, palkan nu nam karde ne, eh mithe bol hunde ne, dil de kol hunde ne
[08/01 10:10 AM] TOL Brahm Sharma: Images donot express u
[08/01 10:10 AM] TOL Brahm Sharma: Only u express yourself
[08/01 10:11 AM] TOL Brahm Sharma: Kise bhi topic te tuhade vichar filter da kam karde han
[08/01 10:12 AM] TOL Brahm Sharma: Muddy nahi banaunde
[08/01 10:12 AM] TOL Brahm Sharma: Group ch eh sarian di duty hai
[08/01 10:13 AM] TOL Brahm Sharma: Eh mera vichar hai
[08/01 10:14 AM] TOL Brahm Sharma: Eh group ena educated hai ki, bariki tak filter karn di samratha rakhda hai
[08/01 10:15 AM] TOL Brahm Sharma: Thoda sabar
[08/01 10:15 AM] TOL Brahm Sharma: Te duje de vichar di respect
[08/01 10:15 AM] TOL Brahm Sharma: Apne vichar di pavitarta
[08/01 10:16 AM] TOL Brahm Sharma: Is to baad naa koi group chhadde, te na hi kisse nu remove karna pave.
[08/01 10:17 AM] TOL Brahm Sharma: Parivaar vadhda jayega
[08/01 10:17 AM] TOL Brahm Sharma: New thoughts aunde rahnge
[08/01 10:20 AM] TOL Dr. Bir: सुख की खोज
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ऐ सुख तू कहाँ मिलता है
क्या तेरा कोई स्थायी पता है
क्यों बन बैठा है अन्जाना
आखिर क्या है तेरा ठिकाना।
कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको
पर तू न कहीं मिला मुझको
ढूंढा ऊँचे मकानों में
बड़ी बड़ी दुकानों में
स्वादिस्ट पकवानों में
चोटी के धनवानों में
वो भी तुझको ढूंढ रहे थे
बल्कि मुझको ही पूछ रहे थे
क्या आपको कुछ पता है
ये सुख आखिर कहाँ रहता है?
मेरे पास तो दुःख का पता था
जो सुबह शाम अक्सर मिलता था
परेशान होके रपट लिखवाई
पर ये कोशिश भी काम न आई
उम्र अब ढलान पे है
हौसले थकान पे है
हाँ उसकी तस्वीर है मेरे पास
अब भी बची हुई है आस
मैं भी हार नही मानूंगा
सुख के रहस्य को जानूंगा
बचपन में मिला करता था
मेरे साथ रहा करता था
पर जबसे मैं बड़ा हो गया
मेरा सुख मुझसे जुदा हो गया।
मैं फिर भी नही हुआ हताश
जारी रखी उसकी तलाश
एक दिन जब आवाज ये आई
क्या मुझको ढूंढ रहा है भाई
मैं तेरे अन्दर छुपा हुआ हूँ
तेरे ही घर में बसा हुआ हूँ
मेरा नही है कुछ भी मोल
सिक्कों में मुझको न तोल
मैं बच्चों की मुस्कानों में हूँ
हारमोनियम की तानों में हूँ
पत्नी के साथ चाय पीने में
परिवार के संग जीने में
माँ बाप के आशीर्वाद में
रसोई घर के महाप्रसाद में
बच्चों की सफलता में हूँ
माँ की निश्छल ममता में हूँ
हर पल तेरे संग रहता हूँ
और अक्सर तुझसे कहता हूँ
मैं तो हूँ बस एक अहसास
बंद कर दे मेरी तलाश
जो मिला उसी में कर संतोष
आज को जी ले कल की न सोच
कल के लिए आज को न खोना
मेरे लिए कभी दुखी न होना।
मेरे लिए कभी दुखी न होना......
😊😊😊😊😊😊😊
जय गुरु जी
[08/01 10:39 AM] TOL Dr. Bir: Wah Baraham ji Wah.
[08/01 11:07 AM] TOL Parminder Vicky: wah amarjit ji very good lines
[08/01 12:18 PM] Dr Amarjeet Astrologist: great !!!!!👌👌
[08/01 12:23 PM] TOL Dr. Bir: Male ..paida hote hi..logo ki badhaee aur loot shuru..Dr fee..nursing fee...rishtedara de dabbe...marrasii fee..khusra fee..gavandee fee...safaee sewak fee... Fee...fee..fee...fee.
[08/01 12:29 PM] TOL Ajitpal Singh: Eh jo celebration expenses ne, eh saade hi bnaye hoye ne. Aisi lutt nu ta lok ardaas krke mngde ne.
[08/01 12:58 PM] TOL Dr. Bir: Female...bina ardas ton?? Nature de har action laee jashan hona chahida ji..
Apni khushi nsl jo marji karro...par kujh halta vijabree loot ho rahi he..
[08/01 12:59 PM] TOL Dr. Bir: Mehanghaee mutabak... Hi rehna theek..jashan vi..khushain vi....ki khayal he..g..
[08/01 1:09 PM] TOL Dr. Bir: 💫बहुत सुन्दर सन्देश💫
🎭किसी की दृष्टि खराब हो गई,
उसका उपचार संभव है।
किन्तु
अगर दृष्टिकोण ही
खराब हो गया,
तो उसका उपचार संभव नही है..🎭
[08/01 1:26 PM] TOL Ajitpal Singh: ji Dr saab. agree wt u.. but eh bad traditions bahut chronic ne. lok ghar lutwa ke vi nibhayi jaande ne.. salute to dr ganesh rakh.
[08/01 2:05 PM] TOL Dr. Bir: Persons who dont like to be...CRUSHED..may refuse..following old paths. ,??what do u say dear....
[08/01 2:18 PM] TOL Ajitpal Singh: I agree sir. I have done it many times..
[08/01 3:18 PM] TOL Ravi2: Everything has beauty, but not everyone sees it.
In Hindi : हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता.
[08/01 3:46 PM] TOL Dr. Arun: शंख के चमत्कारी गुण..
वैज्ञानिकों के अनुसार शंख-ध्वनि से वातावरण का परिष्कार होता है। इसकी ध्वनि के प्रसार-क्षेत्र तक सभी कीटाणुओं का नाश हो जाता है। इस संदर्भ में अनेक प्रयोग-परीक्षण भी हुए हैं। आयुर्वेद के अनुसार शंखोदक भस्म से पेट की बीमारियाँ, पीलिया, यकृत, पथरी आदि रोग ठीक होते हैं। त्र+षि श्रृंग की मान्यता है कि छोटे-छोटे बच्चों के शरीर पर छोटे-छोटे शंख बाँधने तथा शंख में जल भरकर अभिमंत्रित करके पिलाने से वाणी-दोष नहीं रहता है। बच्चा स्वस्थ रहता है। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि मूक एवं श्वास रोगी हमेशा शंख बजायें तो बोलने की शक्ति पा सकते हैं। हृदय रोगी के लिए यह रामबाण औषधि है।
आधुनिक विज्ञान के अनुसार शंख बजाने से हमारे फेफड़ों का व्यायाम होता है, श्वास संबंधी रोगों से लडऩे की शक्ति मिलती है। पूजा के समय शंख में भरकर रखे गए जल को सभी पर छिड़का जाता है जिससे शंख के जल में कीटाणुओं को नष्ट करने की अद्भूत शक्ति होती है। साथ ही शंख में रखा पानी पीना स्वास्थ्य और हमारी हड्डियों, दांतों के लिए बहुत लाभदायक है। शंख में कैल्शियम, फास्फोरस और गंधक के गुण होते हैं जो उसमें रखे जल में आ जाते हैं।
भारतीय संस्कृति में शंख को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। माना जाता है कि समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक शंख भी था। इसकी ध्वनि विजय का मार्ग प्रशस्त करती है।
शंख का महत्व धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, वैज्ञानिक रूप से भी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके प्रभाव से सूर्य की हानिकारक किरणें बाधक होती हैं। इसलिए सुबह और शाम शंखध्वनिकरने का विधान सार्थक है। जाने-माने वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बसु के अनुसार, इसकी ध्वनि जहां तक जाती है, वहां तक व्याप्त बीमारियों के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। इससे पर्यावरण शुद्ध हो जाता है। शंख में गंधक, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे उपयोगी पदार्थ मौजूद होते हैं। इससे इसमें मौजूद जल सुवासित और रोगाणु रहित हो जाता है। इसीलिए शास्त्रों में इसे महाऔषधिमाना जाता है।
शंख बजाने से दमा, अस्थमा, क्षय जैसे जटिल रोगों का प्रभाव काफी हद तक कम हो सकता है। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि शंख बजाने से सांस की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार, शंख में जल भरकर रखने और उस जल से पूजन सामग्री धोने और घर में छिडकने से वातावरण शुद्ध रहता है। तानसेनने अपने आरंभिक दौर में शंख बजाकर ही गायन शक्ति प्राप्त की थी। अथर्ववेदके चतुर्थ अध्याय में शंखमणिसूक्त में शंख की महत्ता वर्णित है
[08/01 10:46 PM] +91 94251 91857: कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
कलम के पुजारी अगर सो गये तो…
ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।
🌿💧🌿💧🌿💧🌿💧🌿
[08/01 10:46 PM] +91 94251 91857: Beautiful poem by
--हरिवंशराय बच्चन
अगर बिकी तेरी दोस्ती...
तो पहले ख़रीददार हम होंगे..!
तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत ..
पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे..!!
दोस्त साथ हो तो रोने में भी शान है..
दोस्त ना हो तो महफिल भी समशान है!
सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे दोस्त,
वरना जनाजा और बारात एक ही समान है !! ....
To all my best frnds...
[08/01 10:46 PM] +91 94251 91857: "जीवन मे आपसे कौन मिलेगा-
ये समय तय करेगा .
जीवन मे आप किसे चाहते है-
ये आपका दिल तय करेगा ।
पर
जीवन मे आप किस किस के दिल में बने रहेगे
यह आपका व्यवहार तय करेगा।"
[08/01 10:46 PM] +91 94251 91857: हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;
जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;
यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;
न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो..!
🌿💧🌿💧🌿💧🌿💧🌿
[08/01 10:46 PM] +91 94251 91857: छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.
🌿💧🌿💧🌿💧🌿💧🌿
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