Monday, March 23, 2015

March20

[20/03 7:50 AM] TOL Kamal Gill: So true #amarjit sir
[20/03 8:41 AM] TOL Soninder Singh: Bhut vadhia likhia Dr. Sahib.
[20/03 10:06 AM] ‪+91 94251 91857‬: बहुत समय पहले की बात है , एक
राजा को उपहार में किसी ने बाज
के दो बच्चे भेंट किये ।
वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और
राजा ने कभी इससे पहले इतने
शानदार बाज नहीं देखे थे।
राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक
अनुभवी आदमी को नियुक्त कर
दिया।
जब कुछ महीने बीत गए
तो राजा ने बाजों को देखने का मन
बनाया , और उस जगह पहुँच गए
जहाँ उन्हें पाला जा रहा था।
राजा ने देखा कि दोनों बाज
काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से
भी शानदार लग रहे थे ।
राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे
आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान
देखना चाहता हूँ , तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो ।
“ आदमी ने
ऐसा ही किया।
इशारा मिलते ही दोनों बाज
उड़ान भरने लगे , पर जहाँ एक बाज
आसमान की ऊंचाइयों को छू
रहा था , वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर
आकर बैठ
गया जिससे वो उड़ा था।
ये देख ,
राजा को कुछ अजीब लगा.
“क्या बात है जहाँ एक बाज
इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये
दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”,
राजा ने सवाल किया।
” जी हुजूर ,
इस बाज के साथ शुरू से
यही समस्या है , वो इस डाल
को छोड़ता ही नहीं।”
राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दुसरे बाज
को भी उसी तरह
उड़ना देखना चाहते थे।
अगले दिन पूरे
राज्य में ऐलान
करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस
बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम
दिया जाएगा।
फिर क्या था , एक
से एक विद्वान् आये और बाज
को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर
हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज
का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस
डाल पर आकर बैठ जाता।
फिर एक
दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने
देखा कि उसके दोनों बाज आसमान
में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर
यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने
को कहा जिसने ये कारनामा कर
दिखाया था। वह व्यक्ति एक
किसान था।
अगले दिन वह दरबार में
हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण
मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न
हूँ , बस तुम
इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े
विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे
कर दिखाया।
“ “मालिक ! मैं तो एक
साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान
की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट
दी जिसपर
बैठने का बाज आदि हो चुका था,
और जब वो डाल
ही नहीं रही तो वो भी अपने
साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा। “
दोस्तों, हम सभी ऊँचा उड़ने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार
हम जो कर
रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं
कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की , कुछ
बड़ा करने की काबिलियत को भूल
जाते हैं।
यदि आप भी सालों से
किसी ऐसे ही काम में लगे हैं जो आपके सही potential के
मुताबिक
नहीं है तो एक बार ज़रूर सोचिये
कि कहीं आपको भी उस डाल
को काटने की ज़रुरत
तो नहीं जिसपर आप बैठे हैं ?
"Luck is what happens when preparation meets
opportunity."
[20/03 10:57 AM] TOL Dr. Bir: Amarjit ji..Tarrap..jaharhe
[20/03 10:57 AM] TOL Dr. Bir: Mangiee tan milda jarroor.
[20/03 11:26 AM] TOL Satinder Dhaliwal: पूरे भारत में
यह नियम लागू
किया जाना चाहिए
कि
जो भी व्यक्ति
सरकारी नौकरी में है।
चाहे
वो कलेक्टर हो
या SP
या कोई अन्य कर्मचारी।
सभी के बच्चे
सरकारी स्कूल में ही पढेंगे
और जिनके बच्चे
सरकारी स्कूल में
न पढते हो
उन्हें सरकारी नौकरियों से
निकाल दिया जाए।
सभी लोग
समझ सकते है कि
जब जिले के
कलेक्टर और SP
तथा
अन्य अधिकारीयों के बच्चे सरकारी स्कूल में
पढ़ना आरम्भ कर देंगे,
तो उन स्कूल में
शिक्षा का स्तर
क्या होगा
और
शिक्षक किस तरह की
पढाई वहाँ करवाएँगे।
सभी शिक्षक स्कूल
समय पर आएँगे
और
अपना कार्य
पूरी ईमानदारी से करेंगे।
जो शिक्षक
किसी जुगाड़ के चलते
शिक्षक बने है
और पढाने में
असमर्थ है
वो स्वयं
अपना इस्तीफा
सरकार को सौंप देंगे।
शिक्षा के स्तर में
अचानक उछाल
आ जाएगा
और
अपने देश के बच्चे भी
मिसाल कायम करेंगे।
और उनका इलाज भी सरकारी अस्पताल में
ही करवाना जरुरी हो
ताकि अस्पतालों की हालत में भी सुधार आ सके
जो भी मित्र
इस पोस्ट को
पढ़ रहे है
अगर उन्हें
यह सुझाव अच्छा लगे।
तो कृपया ये सुझाव
और Share करके
सरकार तक
पहुचाँने मे हमारी मदद करें |
Plz  .all group me share kare!!!!!!!!
[20/03 3:48 PM] Dr Amarjeet Astrologist: @kamaaal !!
👌 bhji...bhot vaddi ghl a .
[20/03 5:02 PM] TOL Pawan Grover: नज़र और नसीब का कुछ ऐसा इत्तेफाक हैं कि नज़र को अक्सर वही चीज़ पसंद आती हैं; जो नसीब में नहीं होती:! और नसीब में लिखी चीज़ अक्सर नज़र नहीं:!!
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मैंने एक दिन खुदा से पुछा: आप मेरी दुआ उसी वक्त क्यों नहीं सुनते; जब मैं आपसे मांगता हूँ? खुदा ने मुस्कुरा कर कहा: मैं तो तेरे गुनाहों की सजा भी उस वक्त नहीं देता जब तू करता हैँ:!!
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किस्मत पहले ही लिखी जा चुकी है; तो कोशिश करने से क्या मिलेगा? क्या पता किस्मत में लिखा हो कि कोशिश से ही मिलेगा:!!
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ज़िन्दगी में कुछ खोना पड़े तो यह दो लाइन याद रखना: 'जो खोया है उसका ग़म नहीं लेकिन जो पाया है वो किसी से कम नहीं:!' 'जो नहीं है वो एक खवाब हैं; और जो है वो लाजवाब है:!!'
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इन्सान केहता है कि पैसा आये तो मैं कुछ करके दिखाऊ; और पैसा केहता हैं कि तू कुछ करके दिखाए तो मैं आऊ:!
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बोलने से पेहले लफ्ज़ आदमी के गुलाम होते हैं; लेकिन बोलने के बाद इंसान अपने लफ़्ज़ों का गुलाम बन जाता हैँ:!!
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ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले अक्सर डूब जाते हैं; फिर चाहे वो अभिमान का हो; या सामान का:!! 💟💟💟💟💟💟💟💟💟

जिन्दगी जख्मो से भरी हैं; वक़्त को मरहम बनाना सिख लें; हारना तो है मोतके सामने; फ़िलहाल जिन्दगी से जीना सिख लें:!!
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[20/03 7:39 PM] TOL Pawan Grover: पैसा बिस्तर दे सकता है...नींद नहीं..☝
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पैसा भोजन दे सकता है...भूख नहीं..☝
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पैसा अच्छे कपडे दे सकता है..सुंदरता नहीं..☝
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पैसा ऐशो आराम के साधन दे सकता है..सुकून नहीं..☝
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इसलिए आप सभी अपना अपना पैसा मेरे नाम ट्रांस्फर करके संन्यास ले लें..😄😝😉
[20/03 7:53 PM] TOL Gagan: Bhaji loan transfer kar sakde
[20/03 7:58 PM] TOL Dr. Harjot Kamal: Names of most Punjabi boys are based on Beer fundamentals

Sample these names :

1. A guy who drinks beer with his team??? Dalbeer !!!

2. A guy who drinks beer with his family??? Kulbeer !!!

3. A guy who religiously drinks beer??? Dharambeer !!!

4. A guy who drinks beer for happiness & satisfaction??? Sukhbeer !!!

5. A guy who drinks beer seven days of the week??? Satbeer!!!

6. A guy who drinks only beer??? Jasbeer !!!

7. A guy who drinks beer while running???
Ranbeer !!!

8. A guy who drinks beer for strength???
Balbeer !!!

Finally, A guy one who drinks the most beer??? Parambeer !!!
[20/03 10:34 PM] Dr Amarjeet Astrologist: ਕਿਸੇ ਬੰਦੇ ਦੀ ਘਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸੱਪ ਲੜ ਗਿਆ
ਉਹਦਾ ਦੋਸਤ ਉਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦਾ ਕਿ

ਯਾਰ ਔ ਦੇਖ ਤੇਰੀ ਘਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸੱਪ ਲੜ ਗਿਆ ਜਾ ਕੇ ਬਚਾਅ ਉਹਨੂੰ ......

ਘਰ ਵਾਲਾ ਕਹਿੰਦਾ
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ਸੱਪ ਦੀ ਜਹਿਰ ਮੁੱਕੀ ਹੋਈ ਐ ਸੱਪ  ਰੀਚਾਰਜ ਕਰਾਉਣ ਆਇਆ

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