Monday, June 1, 2015

June 1

[01/06 12:09 AM] TOL Money Matters: Tomorrow : Monday
From 1st June 2015 onwards

Pls watch the Live Telecast
From Sachkhand Sri Hemkunt Sahib.
On CHARDIKLA TIME TV Channel

Timings :
MORNING
10:30am to 12:30pm

Request u to pls frwd this  msg to every groups u joined

🙏Dhan Guru Gobind Singh Sahib🙏
[01/06 10:59 AM] ‪+91 94251 91857‬: Unexpected Answer for misunderstanding with two close one.

Boy :- I am in love with you totally.
Girl :- Tu totla! Tela baap totla ! Tela  bhai totla! Tela poola khandaan totla tutte 🐶                                            😂😄😛
[01/06 12:48 PM] TOL Parminder Vicky: गलत सुना था कि, इश्क आँखों से होता
है.... दिल तो वो भी ले जाते है, जो पलकें
तक नही उठाते।।
[01/06 9:34 PM] ‪+91 94251 91857‬: पति - मेरे सीने में बहुत दर्द हो रहा हैं, जल्दी से एम्बुलेंस के लिए कॉल लगाओ..😓

पत्नी - हाँ,लगाती हूँ,अपने मोबाईल का पासवर्ड बताओ..😌

पति - रहने दो, अब थोडा ठीक लग रहा हैं ।।।😁😜😜😜😜😂😂😂😂😂
[01/06 9:34 PM] ‪+91 94251 91857‬: फ़िल्म तनु वेड्स मनु रिटर्न्स में एक दुखी पति ने दूसरी शादी करने की हिम्मत क्या दिखाई लोगो ने पहले ही हफ्ते में फ़िल्म को 100 करोड़ के क्लब में शामिल करा दिया। इसका मतलब है की समस्या देशव्यापी है।😉
[01/06 9:44 PM] TOL Navdeep Gill: जीवन का आधार "आयुर्वेद"

जीवन का आधार ............. आयुर्वेद
WHO कहता है कि भारत में ज्यादा से ज्यादा केवल 350 दवाओं की आवश्यकता है | अधितम केवल 350 दवाओं की जरुरत है, और हमारे देश में बिक रही है 84000 दवाएं | यानी जिन दवाओं कि जरूरत ही नहीं है वो डॉक्टर हमे खिलते है क्यों कि जितनी ज्यादा दवाए बिकेगी डॉक्टर का कमिसन उतना ही बढेगा|

एक बात साफ़ तौर पर साबित होती है कि भारत में एलोपेथी का इलाज कारगर नहीं हुवा है | एलोपेथी का इलाज सफल नहीं हो पाया है| इतना पैसा खर्च करने के बाद भी बीमारियाँ कम नहीं हुई बल्कि और बढ़ गई है | यानी हम बीमारी को ठीक करने के लिए जो एलोपेथी दवा खाते है उससे और नई तरह की बीमारियाँ सामने आने लगी है |

ये दवा कंपनिया बहुत बड़ा कमिसन देती है डॉक्टर को| यानी डॉक्टर कमिशनखोर हो गए है या यूँ कहे की डॉक्टर दवा कम्पनियों के एजेंट हो गए है|

सारांस के रूप में हम कहे कि मौत का खुला व्यापार धड़ल्ले से पूरे भारत में चल रहा है तो कोई गलत नहीं होगा|

फिर सवाल आता है कि अगर इन एलोपेथी दवाओं का सहारा न लिया जाये तो क्या करे ? इन बामारियों से कैसे निपटा जाये ?

........... तो इसका एक ही जवाब है आयुर्वेद |

एलोपेथी के मुकाबले आयुर्वेद श्रेष्ठ क्यों है ? :-

(1) पहली बात आयुर्वेद की दवाएं किसी भी बीमारी को जड़ से समाप्त करती है, जबकि एलोपेथी की दवाएं किसी भी बीमारी को केवल कंट्रोल में रखती है|
(2) दूसरा सबसे बड़ा कारण है कि आयुर्वेद का इलाज लाखों वर्षो पुराना है, जबकि एलोपेथी दवाओं की खोज कुछ शताब्दियों पहले हुवा |
(3) तीसरा सबसे बड़ा कारण है कि आयुर्वेद की दवाएं घर में, पड़ोस में या नजदीकी जंगल में आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जबकि एलोपेथी दवाएं ऐसी है कि आप गाँव में रहते हो तो आपको कई किलोमीटर चलकर शहर आना पड़ेगा और डॉक्टर से लिखवाना पड़ेगा |
(4) चौथा कारण है कि ये आयुर्वेदिक दवाएं बहुत ही सस्ती है या कहे कि मुफ्त की है, �
[01/06 10:18 PM] Dr Amarjeet Astrologist: विदा -
अशोक वाजपेयी
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तुम चले जाओगे
पर थोड़ा-सा यहाँ भी रह जाओगे
जैसे रह जाती है
पहली बारिश के बाद
हवा में धरती की सोंधी-सी गंध
भोर के उजास में
थोड़ा-सा चंद्रमा
खंडहर हो रहे मंदिर में
अनसुनी प्राचीन नूपुरों की झंकार।

तुम चले जाओगे
पर थोड़ी-सी हँसी
आँखों की थोड़ी-सी चमक
हाथ की बनी थोड़ी-सी कॉफी
यहीं रह जाएँगे
प्रेम के इस सुनसान में।

तुम चले जाओगे
पर मेरे पास
रह जाएगी
प्रार्थना की तरह पवित्र
और अदम्य
तुम्हारी उपस्थिति,
छंद की तरह गूँजता
तुम्हारे पास होने का अहसास।

तुम चले जाओगे
और थोड़ा-सा यहीं रह जाओगे

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