Sunday, May 17, 2015

April 20

[20/04 10:14 AM] TOL Parminder Vicky: Wo kya smjye pyar ki Garaiyoo ko, jo pagalpan smjte ha mari Tanhyi ko , wafa ki umeed to humne hi ki thi, Ab kyu Iljaam de us ki bewafioo ko
[20/04 12:12 PM] Dr Amarjeet Astrologist: चार चीजे इंसान को कभी खुश नहीं रख सकती।
कार,मोबाइल,टीवी और बीवी।

क्योंकि अक्सर इनके लेटेस्ट मॉडल दूसरों के पास होते है।😜😜😜😜
[20/04 5:37 PM] ‪+91 98765 00633‬: 🏉🏉🏉🏉🏉🏉🏉🏉🏉

एक बार पचास लोगों का ग्रुप किसी सेमीनार में हिस्सा ले रहा था।
सेमीनार शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट बीते थे कि स्पीकर अचानक
ही रुका और सभी पार्टिसिपेंट्स को गुब्बारे 🏉देते हुए बोला , ” आप
सभी को गुब्बारे पर इस मार्कर से अपना नाम लिखना है। ” सभी ने
ऐसा ही किया।

अब गुब्बारों को एक दुसरे कमरे में रख दिया गया।
स्पीकर ने अब सभी को एक साथ कमरे में जाकर पांच मिनट के अंदर
अपना नाम वाला गुब्बारा ढूंढने के लिए कहा।

सारे पार्टिसिपेंट्स
तेजी से रूम में घुसे और पागलों की तरह अपना नाम वाला गुब्बारा ढूंढने
लगे।

पर इस अफरा-तफरी में किसी को भी अपने नाम
वाला गुब्बारा नहीं मिल पा रहा था…

👻  5 पांच मिनट बाद सभी को बाहर
बुला लिया गया।

स्पीकर बोला , ” अरे! क्या हुआ , आप
सभी खाली हाथ क्यों हैं ? क्या किसी को अपने नाम
वाला गुब्बारा नहीं मिला ?” ”

😂😂 नहीं ! हमने बहुत ढूंढा पर
हमेशा किसी और के नाम का ही गुब्बारा हाथ आया…”, एक
पार्टिसिपेंट कुछ मायूस होते हुए बोला।

🏉“कोई बात नहीं , आप लोग एक
बार फिर कमरे में जाइये , पर इस बार जिसे जो भी गुब्बारा मिले उसे
अपने हाथ में ले और उस व्यक्ति का नाम पुकारे जिसका नाम उसपर
लिखा हुआ है। “, स्पीकर ने निर्दश दिया।

🏉एक बार फिर सभी पार्टिसिपेंट्स कमरे में गए, पर इस बार सब शांत थे , और कमरे
में किसी तरह की अफरा- तफरी नहीं मची हुई थी। सभी ने एक दुसरे
को उनके नाम के गुब्बारे दिए और तीन मिनट में ही बाहर निकले आये।

स्पीकर ने गम्भीर होते हुए कहा ,

☝☝” बिलकुल यही चीज हमारे जीवन में भी हो रही है।
हर कोई अपने लिए ही जी रहा है , उसे इससे कोई
मतलब नहीं कि वह किस तरह औरों की मदद कर सकता है , वह तो बस
पागलों की तरह अपनी ही खुशियां ढूंढ रहा है , पर बहुत ढूंढने के बाद
भी उसे कुछ नहीं मिलता ,

👉👉 दोस्तों हमारी ख़ुशी दूसरों की ख़ुशी में
छिपी हुई है।

👌👉 जब तुम औरों को उनकी खुशियां देना सीख जाओगे
👌👉तो अपने आप ही तुम्हे तुम्हारी खुशियां मिल जाएँगी।

✌👌   👇

और यही मानव-
जीवन का उद्देश्य है ।
🌲👍



किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता..!
डरिये वक़्त की मार से,
बुरा वक़्त किसी को बताकर नही आता..! 
अकल चाहे कितनी भी तेज ह़ो,नसीब के बिना नही जीत सकती..!
बीरबल अकलमंद होने के बावजूद,
कभी बादशाह नही बन सका...!!""
ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो,
ना ही तुम अपने कंधे पर सर रखकर रो सकते हो !
एक दूसरे के लिये जीने का नाम ही जिंदगी है!
इसलिये वक़्त उन्हें दो जो तुम्हे चाहते हों दिल से!
रिश्ते पैसो के मोहताज़ नहीं होते क्योकि कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते पर जीवन अमीर व् खुशहाल जरूर बना देते है !!!
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: जरूरी नहीं जो शायरी करे उसे

मोहब्बत हो कुछ ज़ख्म ज़िंदगी भी लाजवाब देती हैं
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते है....
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते है....
और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है ....
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: मुझे मालूम नहीं उससे अलग हो जाने की वजह,
न जाने हवायें तेज़ थीं या मेरा उस शाख से रिश्ता कमज़ोर था!
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है?
जो नहीं मिल सकता उसी से मुहब्बत क्यों है?
कितने खायें है धोखे इन राहों में!
फिर भी दिल को उसी का इंतजार क्यों है?
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: सँभाल कर रखिए,
जरा अपने दिल को जनाब
ये टूटते ही नहीं,
चोरी भी बहुत होते हैं..
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: सोचते है, अब हम भी सीख ले
यारो बेरुखी करना।
.
सबको मोहोब्बत देते-देते
हमने अपनी कदर खो
दी है।
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: वो हमारा क्या इम्तेहान लेंगी
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो नज़रे झुक लेंगी उसे मेरी कब्र पे दिया मत जलाने देना यारो वो नादाँ है अपना हाथ जला लेंगी
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: कोई तो लिखता होगा इन कागज़ के ज़र्रों और इन पत्थरों का नसीब,

वरना यह मुमकिन नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए,आैर कोई भगवान हो जाए....

कोई कागज़ रद्दी बन जाए तो कोई कागज़ गीता या कुरान हो जाए...!
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: मुझे मंजूर थे वक़्त के सब सितम मगर ,,
तुमसे मिलकर बिछड़ जाना ये
सजा ज़रा ज्यादा हो गयी ..
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: परिंदों को नही दी, जाती तालीम उड़ानों की,वो तो खुद ही तय करते हे मंजिल आश्मानो की,रखते हे जो हौशला आश्मान छूने का,
[20/04 5:55 PM] ‪+91 98765 00633‬: तेरे आने हमारी तकदीर बनी तुजे पाने हमारी जीन्द गी बनी तेरी एक हसी हमारी खुशी बनी हमारी घङकन मे तुमारी जगह बनी तु खुश रहे ए हमारी दुवा बनी
[20/04 6:15 PM] TOL Manpreet Kaur: बुढापे मे जानते हो क्यों टेढी कमर हुई. . ????
झुक झुक के ढूँडती हाय "जवानी किधर गयी???"
😜😜😜😜😜
[20/04 6:55 PM] TOL Dr. Arun: अज्ञानी का प्रणाम

यह मीडिया कितना बिकाऊ और भ्रमित है...
इसका हालिया उदाहरण मुझे
आज, अभी
देखने को मिला....
.
एक अखबार में
विश्व की 100 सबसे प्रभावशाली हस्तियों
के नाम छपे....
.
मेरा नाम कहीं नहीं मिला....
😤😤😢😢😠😠😡😡😡😨😨
[20/04 9:55 PM] Dr Amarjeet Astrologist: मुर्दों के इस शहर में
साबित करो कि तुम
ज़िंदा हो.

सिर्फ साँसों की आवाजाही
साक्ष्य नहीं है
तुम्हारी ज़िंदगी का.

दिखाना होगा तुम्हें
अपना एक एक ज़ख्म
जिनमें टीसते दर्द का
अहसास तक नहीं बचा…

खोखली हंसी के वो मुखौटे
जो तुमने पहन रखे हैं,
उन्हें उतार कर
अपनी ज़िंदा आँखें दिखाओ.

साबित करो कि तुम
ज़िंदा हो.

ताकि हम आ सकें
तेज़ों और तलवारों के साथ
शामिल करने को
तुम्हें भी
अपनी जमात में …
[20/04 11:42 PM] TOl Dr. Prabhjot Singh: Ekdam naya........

एक बार एक व्यक्ति मरकर नर्क में

पहुँचा, तो वहाँ उसने देखा कि प्रत्येक

व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने

की छूट है । उसने सोचा,

चलो अमेरिका वासियों के नर्क में जाकर देखें,

जब वह वहाँ पहुँचा तो द्वार पर पहरेदार से

उसने पूछा - क्यों भाई अमेरिकी नर्क में

क्या-क्या होता है ? पहरेदार बोला - कुछ खास नहीं, सबसे पहले आपको एक इलेक्ट्रिक

चेयर पर एक घंटा बैठाकर करंट दिया जायेगा,

फ़िर एक कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे

लिटाया जायेगा, उसके बाद एक दैत्य आकर

आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोडे

बरसायेगा...  ! यह सुनकरवह

व्यक्ति बहुत घबराया और उसने रूस के नर्क

की ओर रुख किया, और वहाँ के पहरेदार से

भी वही पूछा, रूस के पहरेदार ने भी लगभग

वही वाकया सुनाया जो वह अमेरिका के नर्क

में सुनकर आया था । फ़िर वह व्यक्ति एक-

एक करके सभी देशों के नर्कों के दरवाजे

जाकर आया, सभी जगह उसे  भयानक किस्से सुनने को मिले । अन्त में

जब वह एक जगह पहुँचा,

देखा तो दरवाजे पर लिखा था "भारतीय नर्क" और उस दरवाजे के बाहर उस नर्क में

जाने के लिये लम्बी लाईन लगी थी, लोग भारतीय नर्क में जाने को उतावले हो रहे थे,

उसने सोचा कि जरूर यहाँ सजा कम मिलती होगी... तत्काल उसने पहरेदार से

पूछा कि सजा क्या

है ? पहरेदार ने

कहा - कुछ खास नहीं...सबसे पहले

आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक

घंटा बैठाकर करंट दिया जायेगा, फ़िर एक

कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे लिटाया जायेगा, उसके बाद एक दैत्य आकर

आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोडे

बरसायेगा...  ! चकराये हुए व्यक्ति ने

उससे पूछा - यही सब तो बाकी देशों के नर्क

में भी हो रहा है, फ़िर यहाँ इतनी भीड

क्यों है ? पहरेदार बोला - इलेक्ट्रिक चेयर

तो वही है, लेकिन बिजली नहीं है, कीलों वाले

बिस्तर में से कीलें कोई निकाल ले गया है,

और कोडे़ मारने वाला दैत्य

सरकारी कर्मचारी है, आता है, दस्तखत

करता है और चाय-नाश्ता करने

चला जाता है...और कभी गलती से

जल्दी वापस आ भी गया तो एक-दो कोडे़

मारता है और पचास लिख देता है...चलो आ
जाओ अन्दर !!!
East or West, India is The Best.....
😜😜😜😜

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