Sunday, May 17, 2015

April 25

[25/04 7:57 AM] ‪+91 94251 91857‬: 👉💎 गंगा में डुबकी लगाकर,तीर्थ किए हज़ार।
इनसे क्या होगा,अगर बदले नहीँ विचार।

👉💎 "इस दुनियाँ के हर शख्स को नफरत है "झूठ" से...

मैं परेशान हूँ ये सोचकर, कि फिर ये "झूठ" बोलता कौन है"।

👉💎 "निंदा "तो उसी की होती है
जो"जिंदा" है।
मरे हुए कि तो बस तारीफ ही होती हैं।

👉💎 महसूस जब हुआ कि सारा शहर,
मुझसे जलने लगा है,
तब समझ आ गया कि अपना नाम भी,
चलने लगा है”…

👉💎 सदा उनके कर्जदार रहिये जो आपके लिए कभी खुद का वक्त नहीं देखता है,
और
सदा उनसे वफ़ादार रहिये जो व्यस्त होने के बावजूद भी आपके लिए वक़्त निकालता है।

👉💎 मोक्ष  का  एक  ही  मार्ग  है।
         और  वह  बिल्कुल  सीधा  ही  है।
            अब
मुशकिल   उन्हें  होती  है।
       जिनकी  चाल  ही  टेड़ी  है।

👉💎 हम जब दिन की शुरुआत करते है,
तब लगता है की, पैसा ही जीवन है ..
लेकिन, जब शाम को लौट कर घर आते है,
तब लगता है, शान्ति ही जीवन है ।

👉💎 फलदार पेड़ और गुणवान व्यक्ति ही झुकते है ,
सुखा पेड़ और मुर्ख व्यक्ति कभी नहीं झुकते ।

कदर किरदार की होती है… वरना…
कद में तो साया भी इंसान से बड़ा होता है.......

👉💎 पानी मर्यादा तोड़े तो "विनाश"
                          "और"
         वाणी मर्यादा तोड़े तो "सर्वनाश"

इसलिए हमेशा अपनी वाणी पर संयम रखो।🙏
[25/04 7:57 AM] ‪+91 94251 91857‬: ए दोस्त तू जिंदगी को जी
उसे समझने की कोशिश न कर...

सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन
उसमे उलझने की कोशिश न कर...

चलते वक़्त के साथ तू भी चल
उसमे सिमटने की कोशिश न कर...

अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर...

मन में चल रहे युद्ध को विराम दे
खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर...

कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर...

जो मिल गया उसी में खुश रह
जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर...

रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा
मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर...!
[25/04 10:59 AM] ‪+91 94251 91857‬: यह नदियों का मुल्क है,
पानी भी भरपूर है।
बोतल में बिकता है,
पन्द्रह रू शुल्क है।
:
यह शिक्षकों का मुल्क है,
स्कूल भी खूब हैं।
बच्चे पढ़ने जाते नहीं,
पाठशालाएं नि:शुल्क है।
:
यह गरीबों का मुल्क है,
जनसंख्या भी भरपूर है।
परिवार नियोजन मानते नहीं,
नसबन्दी नि:शुल्क है।
:
यह अजीब मुल्क है,
निर्बलों पर हर शुल्क है।
अगर आप हों बाहुबली,
हर सुविधा नि:शुल्क है।
:
यह अपना ही मुल्क है,
कर कुछ सकते नहीं।
कह कुछ सकते नहीं,
बोलना नि:शुल्क है।
:
यह शादियों का मुल्क है,
दान दहेज भी खूब हैं।
शादी करने को पैसा नहीं,
कोर्ट मैरिज नि:शुल्क हैं।
:
यह पर्यटन का मुल्क है,
रेलें भी खूब हैं।
बिना टिकट पकड़े गए तो,
रोटी कपड़ा नि:शुल्क है।
:
यह अजीब मुल्क है,
हर जरूरत पर शुल्क है।
ढूंढ कर देते हैं लोग,
सलाह नि:शुल्क है।
:
यह आवाम का मुल्क है,
रहकर चुनने का हक है।
वोट देने जाते नहीं,
मतदान नि:शुल्क है।

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